मंगल दोष पूजा: जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का मार्ग

परिचय

वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह को साहस, ऊर्जा, शक्ति और पराक्रम का प्रतीक माना जाता है। हालांकि, जब यह ग्रह किसी व्यक्ति की कुंडली में अशुभ स्थिति में होता है, तो इसे मंगल दोष या मांगलिक दोष कहा जाता है। मंगल दोष विवाह, पारिवारिक जीवन, स्वास्थ्य और करियर में बाधाएँ उत्पन्न कर सकता है। इसे शांत करने के लिए मंगल दोष पूजा की जाती है, जिससे जीवन में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।

मंगल दोष मुख्य रूप से तब बनता है जब मंगल ग्रह प्रथम, चौथे, सप्तम, अष्टम या द्वादश भाव में स्थित होता है। इस दोष के कारण विवाह में देरी, वैवाहिक जीवन में तनाव, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ और करियर में अस्थिरता देखी जा सकती है। मंगल दोष से प्रभावित जातकों के लिए विशेष रूप से मंगल दोष निवारण पूजा अत्यंत लाभकारी होती है।

मंगल दोष के प्रभाव

कुंडली में मंगल दोष होने पर व्यक्ति को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ये समस्याएँ व्यक्ति के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रभाव डाल सकती हैं:

विवाह में देरी या समस्याएँ

मंगल दोष का सबसे प्रमुख प्रभाव विवाह पर पड़ता है। इस दोष से प्रभावित व्यक्ति का विवाह देरी से होता है या विवाह के बाद जीवनसाथी के साथ मतभेद और संघर्ष की स्थिति बनी रहती है। कई बार तलाक या अलगाव तक की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

वैवाहिक जीवन में तनाव

यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल दोष है और वह किसी गैर-मांगलिक से विवाह करता है, तो वैवाहिक जीवन में समस्याएँ बढ़ सकती हैं। मंगल ग्रह की उग्रता के कारण पति-पत्नी के बीच झगड़े, आक्रामकता और असहमति बनी रह सकती है।

आर्थिक समस्याएँ और करियर में बाधाएँ

मंगल दोष का प्रभाव केवल विवाह पर ही नहीं, बल्कि व्यक्ति के करियर और आर्थिक स्थिति पर भी पड़ता है। ऐसे व्यक्ति को करियर में अस्थिरता, संघर्ष और अनावश्यक खर्चों का सामना करना पड़ सकता है।

स्वास्थ्य समस्याएँ और दुर्घटनाएँ

मंगल ग्रह को रक्त, हड्डियों और ऊर्जा से संबंधित माना जाता है। मंगल दोष वाले जातकों को दुर्घटनाओं, शारीरिक चोटों, सिरदर्द, रक्तचाप और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

पारिवारिक कलह

मंगल दोष वाले जातकों के पारिवारिक जीवन में भी अस्थिरता बनी रहती है। परिवार के सदस्यों के बीच मतभेद, अनबन और तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

मंगल दोष पूजा के लाभ

मंगल दोष निवारण पूजा करने से व्यक्ति को कई लाभ प्राप्त होते हैं, जो उसके जीवन को सुखमय बनाते हैं:

  • विवाह में आ रही बाधाओं का समाधान – इस पूजा के माध्यम से मांगलिक दोष का शमन किया जाता है, जिससे विवाह में आ रही देरी समाप्त होती है।
  • वैवाहिक जीवन में सुख-शांति – मंगल दोष से उत्पन्न वैवाहिक समस्याएँ दूर होती हैं और पति-पत्नी के संबंध मधुर बनते हैं।
  • स्वास्थ्य में सुधार – यह पूजा स्वास्थ्य समस्याओं, रक्त से संबंधित विकारों और दुर्घटनाओं से बचाव में मदद करती है।
  • करियर और आर्थिक स्थिति में सुधार – पूजा करने से करियर में स्थिरता आती है और आर्थिक परेशानियाँ दूर होती हैं।
  • पारिवारिक जीवन में शांति – परिवार के सदस्यों के बीच आपसी समझ और प्रेम बढ़ता है, जिससे कलह समाप्त होती है।

मंगल दोष निवारण पूजा की प्रक्रिया

मंगल दोष को शांत करने के लिए सही विधि से पूजा करना आवश्यक होता है। इस पूजा में निम्नलिखित प्रक्रियाओं का पालन किया जाता है:

पूजा से पहले की तैयारी

  • प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • लाल रंग के वस्त्र पहनना मंगल ग्रह के लिए शुभ माना जाता है।
  • पूजा स्थल को शुद्ध करें और मंगल देव की प्रतिमा स्थापित करें।

मंगल ग्रह की पूजा

  • भगवान हनुमान, भगवान कार्तिकेय और भगवान शिव की पूजा करें, क्योंकि ये मंगल ग्रह के दोषों को दूर करने में सहायक माने जाते हैं। 
  • पूजा में लाल चंदन, लाल फूल, गुड़, गेहूं, मसूर की दाल और शहद अर्पित करें।
  • मंगल ग्रह का मंत्र जाप करें:
    “ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः।”
    इस मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।

हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ

  • हनुमान जी की कृपा से मंगल दोष का निवारण किया जा सकता है, इसलिए नियमित रूप से हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करें।
  • हर मंगलवार को हनुमान मंदिर में जाकर चमेली के तेल का दीपक जलाएँ।

दान और अनुष्ठान

  • मंगल दोष निवारण के लिए मंगलवार के दिन दान करना शुभ होता है।
  • मसूर की दाल, गुड़, लाल कपड़ा, तांबे के बर्तन और लाल चंदन किसी गरीब को दान करें।
  • बैल, अनाज और तांबे का दान करने से भी मंगल दोष का प्रभाव कम होता है।

विशेष यज्ञ और हवन

  • मंगल ग्रह की कृपा प्राप्त करने के लिए मंगल ग्रह शांति यज्ञ किया जाता है।
  • इस यज्ञ में विशेष मंत्रों का उच्चारण कर हवन किया जाता है, जिससे मंगल दोष शांत होता है।

मंगल दोष से मुक्ति के अन्य उपाय

यदि कोई व्यक्ति विधिपूर्वक मंगल दोष पूजा नहीं कर सकता, तो वह कुछ आसान उपाय करके भी इस दोष का निवारण कर सकता है:

  • मंगलवार का व्रत रखें और इस दिन लाल रंग की वस्तुओं का दान करें।
  • लाल मूंगा रत्न धारण करें, लेकिन इसे पहनने से पहले किसी विद्वान ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।
  • हर मंगलवार को हनुमान मंदिर जाएँ और वहाँ प्रसाद चढ़ाएँ।
  • भगवान शिव का जलाभिषेक करें और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
  • श्री मंगल चालीसा और अर्जुन वृक्ष की पूजा करें।

निष्कर्ष

मंगल दोष व्यक्ति के जीवन में कई प्रकार की समस्याएँ ला सकता है, लेकिन सही उपाय और पूजा करने से इसे शांत किया जा सकता है। मंगल दोष निवारण पूजा के माध्यम से वैवाहिक जीवन की समस्याओं, आर्थिक परेशानियों, स्वास्थ्य विकारों और पारिवारिक कलह को दूर किया जा सकता है।

यदि आपको लगता है कि मंगल दोष के कारण आपके जीवन में बाधाएँ आ रही हैं, तो उचित विधि से मंगल दोष पूजा करें और मंगल ग्रह की कृपा प्राप्त करें। पूजा के साथ-साथ अपने कर्मों को शुद्ध रखें, सकारात्मक सोच अपनाएँ और भगवान हनुमान, शिव और कार्तिकेय की भक्ति करें। इससे आपका जीवन सुख, शांति और समृद्धि से भर जाएगा।

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